कला साहित्य

कविता : माँ

मेरी प्यारी सबसे प्यारी ; ओ मेरी माँ
तुमने मुझे जीना सिखाया
कभी न भूलूँगा||
तुम्ही मेरी उपरवाला
तुम्ही मेरी माँ |
तुम्ही मेरे सब कुछ हो
केवल मेरी माँ ||
तुम्हारे बिना मैं जी नहीं सकता
ओ मेरी माँ |
मेरा सपना बड़ा होकर
देश को आगे बढ़ाऊंगा ||


मुनीन बरूवा
कक्षा 8
लखीमपुर, असम

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