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क्या कहता है देश और आपका बजट?

बजत से अभिप्राय आय और व्यय की अर्थव्यवस्था से है. यानि जितनी आय है उसके मुताबिक खर्च कर सुचारु रूप से देश, प्रात का संचालन करना, जिससे सभी जरूरतो को पूरा किया जा सके. अभी 5 जूलाई 2019 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी ने जनता के समक्ष 2019-20 का बजट रखा.
केशी गुप्ता | लेखिका, समाज सेविका

बजत से अभिप्राय आय और व्यय की अर्थव्यवस्था से है. यानि जितनी आय है उसके मुताबिक खर्च कर सुचारु रूप से देश, प्रात का संचालन करना, जिससे सभी जरूरतो को पूरा किया जा सके. अभी 5 जूलाई 2019 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी ने जनता के समक्ष 2019-20 का बजट रखा. सरकार का दायित्व बनता है कि वह जनता द्वारा दिए गए तमाम टैक्सो से प्राप्त आय को जनता की आवश्यकताओं को ध्‍यान में रख विभिन्न क्षत्रों पर सही तरीके से खर्च करे. जिसका लाभ प्रत्येक नागरिक को मिल सके. जिससे देश विकास की ओर बढ़ सके तथा जनता को किसी भी तरह की समस्याओं को झेलना ना पढ़े जैसे शिक्षा, चिकित्सा, यातायात, साफ सफाई इत्यादि. किसी भी विशाल देश का बजट बनाना कोई आसान काम नही क्योंकि बजट ऐसा होना चाहिए जिससे आम आदमी भी अपनी जीवनचर्या को सुचारू रूप से चला सके. बजट के तहत बड़ने वाले दामों से उसके परिवार का बजट ना हिले और वह एक खुशहाल जीवन व्यतित करने में समर्थ रहे.

2019-20 के तहत सोना, डीजल, पेट्रोल, सिगरेट, तंबाकू इत्यादि के दाम बढ़ा दिए गए है. जितनी आय उतना टैक्स, घर लोन इत्यादि पर छूट. सफाई अभियान, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण इत्यादि को लेकर कई फैसलें किए गए है. पैट्रोल, डीजल के दाम बढ़ने से सभी चीजे प्रभावित होती है. नोटबंदी के बाद से जनता व्यवसाय को लेकर बेहद परेशान है. रोजगार की समस्या ने विकराल रूप ले ऱखा है. जिस पर सरकार को विचार करने की आवश्यकता है. कृषि प्रधान देश होने के बावजूद देश के किसान आत्महत्या करने पर मजबूर है. बजट में किसानो की स्थिति को सुधारने वाली योजनाओ को शामिल करने की जरूरत है ताकि देश को, अनाज देने वाला किसान एक अच्छी ज़िंदगी जी सके. कहने को हम विकास की ओर बढ़ रहे है, आधुनिक डिजटल भारत बनाना चाहते है मगर देश के किसान और आम जनता आज भी मूलभूत सेवाओं से वंचित है.

बेरोजगारी, मंहगाई से देश की जनता में अत्याधिक रोष है. सही मायने में कोई भी बजट तब सफल माना जाता है जब उसमें शामिल की जाने वाली योजनाओं और उन पर किए जाने वाले खर्च से देश की जनता की मूलभूत जरूरतों की पूर्ति हो सके तथा हर व्यक्ति एक सामान्य जीवन जी सके जो उसका अधिकार है.

 

क्या है आम और खास जन की प्रतिक्रियाएं

केंद्रीय बजट 2019 के दौरान महिलाओं के लिए शुरू की गई स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) योजना पर बोलते हुए, अवंति स्कूल ऑफ परफॉर्मिंग आर्टस की संस्थापक और एक परफॉर्मिंग कलाकार सुश्री अवंति आर्य ने कहा कि “इस तरह की योजना से महिला उद्यम बढ़ेंगे और समाज में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा मिलेगा।”

इस तरह की पहल से महिलाओं को आगे आने और सफलताएं हासिल करने में मदद मिलेगी। मैं बजट के दौरान हमारे वित्त मंत्री सुश्री निर्मला सीतारमण के बयान की सराहना करती हूं, जब उन्होंने कहा कि जब तक महिला की हालत में सुधार नहीं होगा तब तक दुनिया के पास कल्याण का कोई मौका नहीं है। एक पक्षी के लिए एक पंख पर उड़ना भरना संभव नहीं है। हमें उम्मीद है कि सरकार महिला केंद्रित नीतियों पर काम करेगी।“

 

विकास को प्रोत्साहन मिलेगा और लोगों का अपने घर का सपना पूरा होगाः प्रवीण जैन

नारेडको के वाइस चेयरमैन और ट्यूलिप इंफ्राटेक के एमडी श्री प्रवीण जैन ने कहा कि ’बजट की घोषणा आज सस्ती हाउसिंग, रेंटल हाउसिंग और इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को प्रोत्साहित करने वाली एक अच्छी पहल है, जो खरीदारों, निवेशकों, किराए पर रहने वाले लोगों के लिए फायदेमंद होगी और अफोर्डेबल हाउसिंग के डेवलपर्स को भी प्रोत्साहित करेगी।”

अफोर्डेबल हाउसिंग के डेवलपर्स के लिए टैक्स हॉलिडे के प्रस्ताव के साथ अच्छी खबर है और 31.3.2020 तक लिए गए होम लोन पर ब्याज में 1.5 लाख रुपए तक की अतिरिक्त कटौती, एक बड़ा कदम है। इससे उन्हें 3.5 लाख रुपये तक की कुल कटौती मिलेगी। किराये के कानूनों में सुधार किया जाएगा और किराये के आवास को बढ़ावा देने के लिए राज्यों के साथ आधुनिक रेंटल कानून को साझा किया जाएगा जो असंगठित किराये बाजार को सुव्यवस्थित और उसे बढ़ावा देगा।

अगले पांच वर्षों में बुनियादी ढांचे के लिए 100 लाख करोड़ के निवेश के प्रस्ताव के साथ इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास पर बड़ा जोर दिया गया है। इन निवेशों में हाउसिंग, फार्म और रेलवे इन्फ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं। पीएमएवाई (प्रधानमंत्री आवास योजना) के तहत 1.95 करोड़ घर बनाने और पीएम ग्राम सड़क योजना के तहत सड़कों के विकास के लिए 80,250 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है। रेलवे के विकास के लिए पीपीपी मॉडल (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल का पालन करने का प्रस्ताव है, यह कदम रेलवे नेटवर्क को सुदूर क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए उन्हें सुलभ बनाएगा और जिसके परिणामस्वरूप इन क्षेत्रों में इन्फ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट का विकास होगा। जल और सड़क परिवहन को बढ़ावा देने का प्रस्ताव बेहतर कनेक्टिविटी के कारण ग्रामीण शहरी विभाजन को कम करेगा।

रियल एस्टेट और इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए विशेष रूप से उपरोक्त प्रमुख बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए, बजट की घोषणाएं विकास और तरक्की के लिए अच्छी हैं और राष्ट्र की अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी लगती है।

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