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गुरूग्राम में लगाया गया पहला वाटर ट्रीटमेंट एक्सपो-2019

गुरूग्राम || जिलावासियों को जल संरक्षण के प्रति प्रेरित करने के लिए स्वतंत्रता सेनानी जिला परिषद् परिसर में वाटर ट्रीटमेंट एक्सपो-2019 का आयोजन किया गया। इस एक्सपो में जल संरक्षण के उपायों को लेकर 22 स्टाॅल लगाई गई थी। यह एक्सपो नगर निगम गुरूग्राम तथा गुरू जल प्रौजेक्ट द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया था।
इस एक्सपो में जल संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत विभिन्न कंपनियों द्वारा स्टाॅल लगाई गई थी। स्टाॅल में जल संरक्षण की तकनीकों के अलावा पारंपरिक उपायो के बारे में जानकारी दी गई। प्रत्येक स्टाॅल पर पानी बचाने के लिए अलग-अलग उपायों जैसे-एसटीपी लगाने, पानी की रिसायकिलिंग, भूमिगत जल स्तर में सुधार लाने के लिए विभिन्न प्रकार की तकनीकों सहित बरसात के दिनों में पौधारोपण के उपायों के बारे में भी जानकारी दी जा रही थी। उपायुक्त ने प्रत्येक स्टाॅल पर जाकर बारिकी से इन उपायों के बारे में पूछा।
आज आयोजित एक्सपो में उपायुक्त ने सबसे अधिक रूचि फ्रानकिस्चे नामक कंपनी के जुगाप्रो नामक प्रौजेक्ट में दिखाई। स्टाॅल पर उपस्थित कंपनी के डायरेक्टर पवन कक्कड़ ने उपायुक्त को जुगाप्रो प्रौजेक्ट के बारे में विस्तार से बताया। श्री कक्कड़ ने दावा किया कि उनके प्रौजेक्ट के माध्यम से बरसाती पानी की बड़ी मात्रा को जमीन में पहुंचाया जा सकता जिससे भूमिगत जलस्तर तेजी से बढ़ेगा। इस तकनीक में प्लास्टिक के बड़े ब्लाॅकों को जमीन में गड्ढा खोदकर लगाया जाता है। एक ब्लाॅक लगभग 400 लीटर पानी सोख सकता है। इस तकनीक के माध्यम से पानी फिल्टर होकर सीधे जमीन में जाता है जिससे भूमिगत जल स्तर तेजी से बढ़ता है। उन्होंने उपायुक्त को स्टाॅल पर इस तकनीक के प्रयोग की वीडियो दिखाई। श्री कक्कड़ ने उपायुक्त को बताया कि इस तकनीक का प्रयोग सुल्तानपुर मैट्रो स्टेशन के पार्किंग एरिया में किया जा रहा है।
इस अवसर पर उपायुक्त अमित खत्री ने बताया कि आम जनता को जल संरक्षण के बारे में जागरूक करने के लिए जल शक्ति अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत लोगों को पानी बचाने के अलग-अलग तरीकों तथा तकनीकों के बारे मंे बताने के लिए यह एक्सपो आयोजित किया गया था ताकि लोग अपनी जरूरत के अनुसार पानी बचाने के तरीके या तकनीक को अपना सकें। उन्होंने कहा कि एक्सपो में काफी लोगों ने आकर इन तकनीकों को देखा और समझा है। श्री खत्री को विश्वास है कि पानी बचाने की तकनीकों तथा उपायों को देखकर दर्शकों में पानी बचाने के प्रति एक भावना भी जागृत हुई होगी और वे इस बारे में जरूर सोचेंगे।
जिला गुरूग्राम में लोगों को पानी बचाने तथा भूमिगत जल में सुधार लाने को प्रेरित करने के लिए गुरूजल प्रौजेक्ट चलाया जा रहा है। हमें जल संचयन की दिशा में ऐसे उपाय अपनाने होंगे जो काॅस्ट इफेक्टिव हों और कम से कम खर्चें में हम ज्यादा से ज्यादा तालाबों का जीर्णोद्धार कर सके। उन्होंने कहा कि गुरूजल प्रौजेक्ट के माध्यम से जिला गुरूग्राम में जल संचयन को लेकर विभिन्न प्रकार की गतिविधियां चलाई जा रही है। इसके अलावा, लोगों को जल संचयन के पुराने और पारंपरिक उपायों के बारे में भी बताया जा रहा है। उन्होंने जनसाधारण से अपील करते हुए कहा कि वे पानी बचाने के लिए व्यक्तिगत तथा सामूहिक स्तर पर कोशिश करें क्योंकि यह हम सबके भविष्य से जुड़ा हुआ विषय है।
इस अवसर पर गुरूग्राम उत्तरी के एसडीएम जितेन्द्र कुमार, नगर निगम के अतिरिक्त निगम आयुक्त मुनीष ,नगर निगम गुरूग्राम के एडिश्नल म्युनिसिपल कमीश्नर वाई एस गुप्ता, गुरूजल प्रौजेक्ट से शुभि, चीफ इंजीनियर एन डी वशिष्ठ, जीएमडीए के चीफ इंजीनियर ललित अरोड़ा सहित कई अधिकारीगण उपस्थित थे।

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