आचार्य नीरज चतुर्वेदी
आध्यात्म विविध

देश दुनिया के लिये खराब चल रहे हैं ग्रह

आज हम वर्तमान में चल रहीं जिन परिस्थितियों से गुजर रहे हैं, उन विषम परिस्थितियों का कारण ग्रह के गोचरों को भी बताया जा रहा है, दावा किया जा रहा है कि वर्ष 2020 कुछ ज्योतिषीय कारणों से भी विशेष वर्ष है क्योंकि कुछ ग्रहों का आपस में मिलना एक खगोलीय घटनाक्रम है लेकिन अवश्य वह हमारे जीवन पर देश पर एवं दुनिया पर प्रभाव अवश्य डालता है, जैसे पूरी दुनिया कोरोनावायरस से ग्रसित है इसके चलते अर्थव्यवस्था में भारी गिरावट आ गई है। जिसके परिणाम स्वरूप हमारे रोजगार पर भी बुरा प्रभाव पड़ेगा जोकि चिंता का विषय है।

कौन से ग्रह हैं जिन्होंने बिगाड दी देश दुनिया की दिशा और दशा

प्रमुख रूप से देव ग्रह बृहस्पति, मंगल, शनि, राहु एवं केतु विशेष रुप से राहु केतु ऐसी बीमारियों और परिस्थितियों को अचानक उत्पन करने के लिए जाने जाते हैं। देव गुरु बृहस्पति 30 मार्च 2020 को मकर राशि में प्रवेश कर चुके हैं, जहां पर वह नीच राशि के जाने जाते हैं एवं मंगल पहले से ही मकर राशि में यहां विराजमान हैं जो उनकी उच्च की राशि है। इस प्रकार देव गुरु बृहस्पति, मंगल, शनि तीनों का मकर और चर राशि में होना अप्रत्याशित घटनाओं के होने का संकेत भी देता है। शनि एवं मंगल ग्रह दोनों ही बहुत नजदीक से उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के तीसरे पद में हैं। वर्तमान परिस्थितियों को उत्पन्न करने में केतु ग्रह का विशेष महत्व है, हम यह कह सकते हैं कि अब 13 अप्रैल 2020 को जब सूर्य देव मेष राशि में प्रवेश करेंगे तब हमारे समाज और देश दुनिया को कुछ राहत मिल सकेगी। दूसरा, मंगल देव 5 मई 2020 को कुंभ राषि में प्रवेश करेंगे जो कि स्थिर राशि में होंगे, तब राहत और अच्छी खबर होगी। सूर्य देव हमारे जीवन में आरोग्यता, प्रकाश एवं जीवन देने वाले ग्रह हैं। ऐसा हम कह सकते हैं कि 13 अप्रैल 2020 के बाद वर्तमान परिस्थितियों में सुधार की संभावना हो सकती है। वैसे इस वर्ष गुरु अतिचारी होने के कारण भी विशेष प्रभाव डालेंगे। मंगल जो कि अग्नि वह गर्म ग्रह है, शनि के साथ युति हो रही है जो कि आपस में शत्रु भी है। मंगल यहां अपनी उच्च राशि में, शनिदेव अपने ही घर में, इस प्रकार का मेल जो अपने आप में अनूठा है विशेष परिस्थितियां उत्पन्न कर रहा है। ऐसा मेल वर्ष 1992 में हुई था। मंगल एवं शनि प्रभाव में कर्क राशि पर दृष्टिपात कर रहे हैं। दोनों ही चर राशि में होने के कारण एवं पृथ्वी तत्व एवं जल तत्व राशि होने से यह युति एवं दृष्टि संबंध अच्छा संकेत नहीं देती है एवं अप्रत्याशित घटनाओं के होने का संकेत करती है जैसे भूकंप इत्यादि जो बड़े पैमाने पर होने पर विनाशकारी सिद्ध हो सकते हैं। शनि जनमानस एवं श्रम शक्ति यानी लेबर को भी द्शाता हैं जिसके कारण श्रमिकों से संबंधित समस्याएं रोजगार उनके अधिकारों एवं उनकी कल्याणकारी योजनाएं संबंधी परेशानी भी हो सकती है। मंगल 4 मई 2020 को जब कुंभ राशि में प्रवेश करेंगा, तब उनके परिणाम कुछ अलग ही होंगे और शुभ परिणाम बढ़ेंगे। राहु 20 अप्रैल 2020 तक आद्रा नक्षत्र में ही रहेंगे। जिसके कारण उनके प्रभाव अलग रहेंगे, जो कि अच्छे नहीं होंगे। इस प्रकार कुल मिलाकर अगर थोड़ी बहुत राहत की उम्मीद है तो वह जब सूर्य मेष एवं अपनी उच्च राशि में प्रवेश करेंगे जो कि 13 अप्रैल 2020 को होगा तब हम आशा कर सकते हैं इन परिस्थितियों में सुधार होगा।

तब तक के लिये आप सभी से निवेदन है कि अपना ख्याल रखें कोरोना से लडना है तो घर में ही बने रहें और अपने परिवार, समाज व देश को बचायें।

लेखक | आचार्य नीरज चतुर्वेदी

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