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हरियाणा मे चुनावी शंखनाद बज चुका है। टिकिट की दावेदारी मे जहां पूर्व एवं वर्तमान विधायको के साथ दल बदलने वाले तथा बागी नेताओ की होड लगी है तो वहीं इन सब से हटके बार्डर और विभिन्न मोर्चो पर देश की सेवा और रक्षा कर चुके भारतीय सेना के जाबांजो ने विधानसभा मे हिस्सेदारी को लेकर मोर्चा खोला है।
|| कर्मवीर कमल

हालांकि इसे मोर्चा कहना उपयुक्त नहीं होगा क्यूंकि, जिस तरह से देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के सेना प्रेम, प्राक्रम और राष्ट्र भक्ति के बारे मे विभिन्न मौको पर भाषण और तारीफ की है उसे ले कर सैनिको के साथ पूर्व सैनिको मे भी उत्साह है।

यही कारण है कि दक्षिण हरियाणा के पूर्व सैनिकों ने एकजुट होकर होने जा रहे विधानसभा चुनावों में पूर्व सैनिकों को भी उम्मीदवार बनाने की मांग उठाई है। गुरुग्राम में आयोजित प्रैसवार्ता में कर्नल महावीर सिंह, अध्यक्ष, शहीद कल्याण फाउंडेशन ने कहा की राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं में मैडल जीतने वाले कुछ खिलाड़ियों को कांग्रेस के शासनकाल में सरकारी नौकरियां दी गई थी उन्हीं में से कुछ खिलाड़ी सरकारी नौकरी छोड़कर हाल ही में भाजपा में शामिल हो गए और उन्हीं खिलाड़ियों को अगले महिने होने वाले विधानसभा चुनावों में उम्मीदवार बनाया गया है जिनका हम तहेदिल से स्वागत करते हैं इससे युवाओं को खासकर खिलाड़ियों को काफी प्रेरणा मिलेगी। कर्नल महावीर सिंह के अनुसार सेना में भी हर दसवां जवान हरियाणा से हैं और देश में हरियाणा की पहचान सैनिकों की खान के रुप में हैं। अगर देशसेवा में बहादुरी के तमगों और शाहदत की बात करे तो हरियाणा पहले स्थान पर है। भाजपा ने अपनी पहली पारी की शुरुआत सैनिक बाहुल्य क्षेत्र रेवाड़ी में 16 सितंबर 2013 में एक बहुत बड़ी रैली का आयोजन कर किया था जिसमें श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 2014 का लोकसभा का चुनाव लड़ने की घोषणा की थी। रेवाड़ी की रैली के कारण पूरे भारत में खासकर हरियाणा में सभी पूर्व सैनिको ने एकजुट होकर 2014 के लोकसभा एवं हरियाणा विधानसभा चुनावों में भाजपा के पक्ष में वोट किया था। 2019 के लोकसभा के चुनावों में भी भाजपा की प्रचण्ड जीत के लिए पूर्व सेनिकों का काफी सहयोग रहा। 2014 के हरियाणा विधानसभा में केवल एक पूर्व सैनिक कैप्टन अभिमन्यु को उम्मीदवार बनाया था।

भाजपा से पूर्व सैनिको के लिए मांगे टिकिट

अक्तूबर में होने जा रहें हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए पूर्व सैनिको ने 5 सीटो की मांग की है। साथ ही सैनिक बाहुल्य क्षेत्र गुरुग्राम रेवाड़ी, महेन्द्रगढ, भिवानी, दादरी, झज्जर आदि हल्कों से पूर्व सैनिको को उम्मीदवार बनाए जाने कि मांग की है। कर्नल महावीर सिंह के अनुसार कोसली हल्के में 47000 से ज्यादा पूर्व सैनिक और 36000 से ज्यादा डॉ॰ राव के गोत्र कोसलिया गोत्र के वोटर हैं। ग्रामीण उत्थान के सदस्यों की संख्या भी इस क्षेत्र में 42000 से ज्यादा हैं। इसलिए डॉ॰ राव की कोसली से मजबुत दावेदारी बनती है और यदि भाजपा ने उनको उम्मीदवार बनाया तो वो भारी बहुमत से वियज प्राप्त कर क्षेत्र का चहुमुखी विकास करवायेंगे।

पूर्व सैनिक और भाजपा मे से एक के चुनाव मे असमंजस मे पूर्व सैनिकगण

शासन मे पूर्व सैनिको के अनुशासन को जरूरी मानते हुये पूर्व सैनिको का रुख मौजूदा सत्ताधारी पार्टी भाजपा के प्रति नर्म है। अब जबकि भाजपा के अधिकतर सीटो की टिकिट का बटवारा लगभग हो चुका है ऐसे में भाजपा के पक्ष मे नज़र आ पूर्व सैनिको को टिकिट दिये जाने की मांग को ले कर पूछे गए एक सवाल पर कि “यदि अन्य पार्टी किसी पूर्व सैनिक को टिकिट देती है तो क्या ये सभी सैनिक उसे सहयोग करेंगे के सवाल पर ये दल बटा नज़र आया। ऐसे मे सैनिको से ज्यादा इनका भाजपा प्रेम ज्यादा नज़र आया। टिकिट ना मिलने की स्थिति में पार्टी के विरुद्ध जाने या अन्य कोई रुख़ अपनाने या निर्दलीय या अलग पार्टी बना कर चुनाव लड़ने की बातों को शहीद कल्याण फाउंडेशन ने सिरे से ख़ारिज कर दिया।

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