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नोटिस के खेल से अभिभावक नाराज, मुख्यमंत्री से की शिकायत

प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के बारे में अभिभावकों द्वारा 1 महीने पहले की गई शिकायत पर चेयरमैन एफएफआरसी ने 21 स्कूल प्रबंधकों को नोटिस भेजकर आग्रह किया है कि वे फीस के मामले में निकाले गए सरकारी आदेशों का पालन करें। नोटिस की प्रति शिकायतकर्ता को भी भेजी गई है जिस पर अभिभावकों ने चेयरमैन एफएफआरसी को पत्र लिखकर एक महीने बाद भेजे गए नोटिस की भाषा शैली पर नाराजगी प्रकट की है। अभिभावक जितिन मंगला, अंकित सिंघल, आर पी सिंह, अर्चना अग्रवाल, गौरव सिंह राजेश अग्रवाल, सुनील शर्मा ने कहा है कि शिकायत की गई थी कि स्कूल प्रबंधक बढ़ाई गई ट्यूशन फीस ले रहे हैं । ट्यूशन फीस का ब्रेकअप नहीं दे रहे हैं और ट्यूशन फीस में ही अनेक फंडों को मर्ज करके उसे ही ट्यूशन फीस कह रहे हैं।इसकी जांच करके दोषी स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। लेकिन एफएफआरसी ने अपने नोटिस में इन बातों का जिक्र ही नहीं किया है उल्टा अभिभावकों को हिदायत दी गई है कि वे स्कूलों के हित में फीस जमा कराएं.

मंच के जिला अध्यक्ष एडवोकेट शिव कुमार जोशी, जिला सचिव डॉ मनोज शर्मा ने कहा है कि ऐसे कई नोटिस जिला शिक्षा अधिकारी ने स्कूलों को भेजे थे जब उनका स्कूल वालों पर कोई असर नहीं हुआ तो जिला शिक्षा अधिकारी ने 14 मई को ही चेयरमैन एफएफआरसी को लिख दिया था कि नोटिस भेजने के बाद भी स्कूल प्रबंधक बढ़ी हुई फीस ले रहे हैं अतः ऐसे स्कूलों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए| मंच के प्रदेश महासचिव कैलाश शर्मा ने कहा है कि जिला शिक्षा अधिकारी के लिखने के 15 दिन बाद फॉर्मेलिटी के रूप में नोटिस भेजना पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की उस टिप्पणी को सच साबित करता है जो उसने मानव रचना पेरेंट्स एसोसिएशन द्वारा दायर एक याचिका की सुनवाई के दौरान कही थी कि एफएफआरसी फरीदाबाद एक क्लर्क के रूप में कार्य कर रही है।

मंच ने 14 नवंबर 2019 को ही 30 स्कूलों द्वारा नियमों का उल्लंघन करके की जा रही मनमानी की सबूत के साथ शिकायत चेयरमैन एफएफआरसी से की थी लेकिन आज तक उस पर कोई भी कार्रवाई नहीं की गई है जिसकी शिकायत मुख्यमंत्री शिक्षा मंत्री अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा से की गई है। मंच ने अभिभावकों से कहा है कि वे एफएफआरसी की कार्यशैली व स्कूलों की मनमानी की शिकायत सबूत के साथ प्रधानमंत्री , मुख्यमंत्री के पोर्टल, ट्विटर पर रजिस्टर्ड कराएं और उसकी एक कॉपी अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा डॉ महावीर सिंह को मेल करें व उसकी कापी मंच को भी भेजें।इसके अलावा वे स्कूल की पिछले 5 साल की ट्यूशन फीस व फंडों के ब्यौरे का टेबल बनाकर व अन्य प्रकार की सभी मनमानियां का विवरण मंच को उपलब्ध कराएं।

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